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Wednesday, September 9, 2020

Hindi kavitha

बेटी घर की रौनक(कविता)

बेटी घर में है तो संगित जैसा है

  गिनती(कविता)
गिनती  गीत के पाठ का वाचन

माँ का लाल(कविता)
बाल कटवाने से अच्छा दिखता है।




प्यासा कौआ(कविता)
अपनी दिमाग की बत्ती जलाकर कौआ पानी पी लेता है और अपनी प्यास भुजाता है।
 
 













मन (कविता) 
चंचल मन को हम अपने काबू में रखना है।


 हल्ल गुल्ला(कविता)
बचपन का खेल अनोखी है।
माली की नज़र चुराकर फल खाना अच्छा लगता है।













रेलगाडी(कविता)
रेलगाडी सफर करनेवालो को अपने मंजिल तक प
 हुंचाता है।













चींटी रानी(कविता)
देखने को तो बहुत छॊटी पर काम करती उतनी जॊर
काम करना उससे सीखना है।

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